April 15, 2024

धान की फसल को इस किट से है खतरा, जानिए बढ़ते तापमान से कैसे बचाए फसल को, एक्सपर्ट ने दी ये राय

Share Post

ठण्ड लगभग अपने अंतिम समय में है और गर्मी भी आ चुकी है इसे में तापमान अचानक बढेगा तो फसलो को भी काफी नुकसान होगा साथ ही आती गर्मी किसानो के लिए चिंता लेकर आई है गर्मी से फसलो में कई प्रकार के रोग भी लग सकते है हाल ही में ओडिशा के संबलपुर जिले में किसानों के खेतों में रबी धान की फसल में तना छेदक कीट का प्रकोप देखने को मिला है जिससे फसलो को काफी नुकसान हो रहा है और किसानो को फसल ख़राब होने का डर भी सताने लगा है |

 

तना छेदक रोग क्या होता है ?
ये एक एसा रोह है जो चावल के दानों के समान सफेद रंग का कीट होता है जिसका चहरा काला या भूरा होता है साथ ही इसमें कीट का प्रकोप गर्म और आर्द्र जलवायु से ज्यादा होता है और तना छेदक तने को अन्दर से खता है जिसके बड़ा तना सुख जाता है और तना पीले रंग का हो जाता है जिसके बड़ा पोधा कुछ समय बाद लाल हो जाता है और फिर सुख कर ख़राब हो जाता है जिससे फसल को बहुत नुकसान होता है |

Read More – प्रदेश 15 जिलों में बारिश की संभावना, इन जिलो के लिए मौसम विभाग ने जारी किया येलो अलर्ट

इससे फसल को कैसे बचाए
सबसे पहले जुलाई के प्रथम पखवाड़े तक धान की बुआई कर देनी चाहिए साथ ही बुआई के 15 दिन बाद नर्सरी में एग्रोनिल-जीआर को फिप्रोनिल 0.3% जीआर घटक के साथ 1 किलोग्राम प्रति 100 वर्ग मीटर की दर से रेत का मिलन कर देना चाहिए, फसल में नाइट्रोजन युक्त उर्वरक का प्रयोग करना चाहिए. फसल में यूरिया खाद के स्थान पर अमोनियम सल्फेट का प्रयोग करें.रोपाई से पहले पौधे के ऊपरी हिस्से को काटकर उसकी रोपाई करें. वयस्क पतंगों को आकर्षित करने के लिए इस किट के गंध लूप जाल का उपयोग करें. और यदि संभव हो तो लाइट ट्रैप भी लगा सकते हैं. रोपाई के बाद, फसल की अवस्था के अनुसार अमेज-एक्स 80 ग्राम या फेम 60 मिली या कोराजन 60 मिली, ताकुमी 100 ग्राम प्रति एकड़ छिड़काव करें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *